Dekh tu meri Muhabbat tak nhi Sambhal paya
Aur mai teri nafratt ko aaj bhi Sambhale rakhe hu
Dekh tu meri Muhabbat tak nhi Sambhal paya
Aur mai teri nafratt ko aaj bhi Sambhale rakhe hu
Door Na ja pawe tu || shayari || punjabi shayari
Metho chah ke vi Na door ja pawe tu
Esa khuab koi akhan ch sajjna tu Paal le
Tere jaan to baad kakhan ch ruljugi eh zindagi
Tu aa te esnu sda lyi sambhal le..!!
ਮੈਥੋਂ ਚਾਹ ਕੇ ਵੀ ਨਾ ਦੂਰ ਜਾ ਪਾਵੇਂ ਤੂੰ
ਐਸਾ ਖ਼ੁਆਬ ਕੋਈ ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਸੱਜਣਾ ਤੂੰ ਪਾਲ ਲੈ
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੱਖਾਂ ‘ਚ ਰੁਲਜੁਗੀ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਤੂੰ ਆ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਸਦਾ ਲਈ ਸੰਭਾਲ ਲੈ..!!

Metho chah ke vi Na door ja pawe tu
Esa khuab koi akhan ch sajjna tu Paal le
Tere jaan to baad kakhan ch ruljugi eh zindagi
Tu aa te esnu sda lyi sambhal le..!!
ਮੈਥੋਂ ਚਾਹ ਕੇ ਵੀ ਨਾ ਦੂਰ ਜਾ ਪਾਵੇਂ ਤੂੰ
ਐਸਾ ਖ਼ੁਆਬ ਕੋਈ ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਸੱਜਣਾ ਤੂੰ ਪਾਲ ਲੈ
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੱਖਾਂ ‘ਚ ਰੁਲਜੁਗੀ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਤੂੰ ਆ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਸਦਾ ਲਈ ਸੰਭਾਲ ਲੈ..!!
उम्र सारी गुजर दी बेवफा प्यार में , रातों की नीद कुर्बान कर दी बेवफा प्यार में , हमने की थी मोहब्बत उम्र भर के सुकून के लिए,हालत कुछ यू बदले मेरे अब लगता है क्यूं गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में , अब हाल ऐसा है मेरा दिल में दर्द , आखों में आशू हाथ में ग्लास शराब का, जब बढ़ जाता है दिल में आलम तनाहियो का हाथों में होती है ग्लास शराब की, महफिलों में जब उठती है बेफायी की बाते उन बातो में जिक्र तेरी बेवफाई का होता जरूर है , कहते है सब की बांदा तो था काम का कर दिया खराब इश्क ने , क्यू गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में ।
सबने रोका था की मत करना ये दोस्त तू मोहब्बत यह मिलती वफा के बदले बेवफाई हमने न मानी बात किसी की करली मोहब्बत तुझ सनम हरजाई से , क्यू गुजर दी हमने उम्र बेवफा प्यार में । गम के सिवा कुछ न मिला ये दोस्त तेरी मोहब्बत में , अब रही नही हिम्मत अब और गम सहने की कर रहे कुर्बा खुद को बेवफा प्यार में , जब जनाजा निकले गा तेरी गली से मेरे महबूब आखों में आशू तेरे होगा जरूर , क्यू कर दी बेवफाई सोचे गी जरूर, जब भी तू सोएगी किसी गैर की बाहों में क्यूं की बेवफाई सोचे गी जरूर , मेरे मरने के बाद सब की जुबा पे होगा मेरा नाम हर जगह चर्चा होगा तेरी बेवफाई का कैसे एक आशिक ने उम्र गुजर दी बेवफा प्यार में ।