मुकम्मल ना हुआ इश्क तोह मेरा किया कसूर
यह तोह तेरी और तकदीर की मेहरबानी है
और बहुत फ़िक्र ना किया कर अब
अधुरा इश्क रहे ना तोह सच्ची मोहब्बत की निशानी हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
मुकम्मल ना हुआ इश्क तोह मेरा किया कसूर
यह तोह तेरी और तकदीर की मेहरबानी है
और बहुत फ़िक्र ना किया कर अब
अधुरा इश्क रहे ना तोह सच्ची मोहब्बत की निशानी हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Rehan akhan nam mehsus kar fatt gehreyan nu..!!
Khaure lag gyian nazra ne hassde chehreyan nu..!!
ਰਹਿਣ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰ ਫੱਟ ਗਹਿਰਿਆਂ ਨੂੰ..!!
ਖੌਰੇ ਲੱਗ ਗਈਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਨੇ ਹੱਸਦੇ ਚਿਹਰਿਆਂ ਨੂੰ..!!
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….