Jehra chadyaa e suraj
uhne dubna e jaroor
kahda maan karda ve
mukna hai tu ek din jaroor
ਜਿਹੜਾ ਚੜਿਆ ਏ ਸੂਰਜ਼
ਉਹਨੇ ਡੁਬਣਾ ਏ ਜ਼ਰੂਰ
ਕਾਹਦਾ ਮਾਣ ਕਰਦਾ ਵੇ
ਮੁਕਣਾ ਹੈ ਤੂੰ ਇਕ ਦਿਨ ਜ਼ਰੂਰ
Jehra chadyaa e suraj
uhne dubna e jaroor
kahda maan karda ve
mukna hai tu ek din jaroor
ਜਿਹੜਾ ਚੜਿਆ ਏ ਸੂਰਜ਼
ਉਹਨੇ ਡੁਬਣਾ ਏ ਜ਼ਰੂਰ
ਕਾਹਦਾ ਮਾਣ ਕਰਦਾ ਵੇ
ਮੁਕਣਾ ਹੈ ਤੂੰ ਇਕ ਦਿਨ ਜ਼ਰੂਰ
सिर्फ मै ही क्यों?
मर्यादा तो तुमने भी तोड़ा
फिर इलज़ाम सिर्फ मुझ पर ही क्यों?
इश्क़ तो तुमने भी किया मुझ से
फिर बेवफ़ा सिर्फ हम कैसे,
यादे तो तेरी भी है मेरे साथ
फिर भुलु सिर्फ मै कैसे,
साथ तो तुमने भी छोड़ा
फिर आँशु सिर्फ मेरे आँखों मे ही क्यों?
-anjali kashyap
आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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