Wo mile, baat kiye, fir thukraa ke chal diye
ham baithe, jraa roye, fir muskuraa ke chal diye
वो मिले, बात किए, फिर ठुकरा के चल दिए।
हम बैठे, जरा रोए, फिर मुस्कुरा के चल दिए।
हर्ष ✍️
Wo mile, baat kiye, fir thukraa ke chal diye
ham baithe, jraa roye, fir muskuraa ke chal diye
वो मिले, बात किए, फिर ठुकरा के चल दिए।
हम बैठे, जरा रोए, फिर मुस्कुरा के चल दिए।
हर्ष ✍️
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
Le rooh meri nu ja door kite
Chal naam mera dil ch jarh le tu..!!
Menu mere ton khoh ke le ja ve
Te apne aap vich marh le tu..!!
ਲੈ ਰੂਹ ਮੇਰੀ ਨੂੰ ਜਾ ਦੂਰ ਕੀਤੇ
ਚੱਲ ਨਾਮ ਮੇਰਾ ਦਿਲ ‘ਚ ਜੜ੍ਹ ਲੈ ਤੂੰ..!!
ਮੈਨੂੰ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਖੋਹ ਕੇ ਲੈ ਜਾ ਵੇ
ਤੇ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਮੜ੍ਹ ਲੈ ਤੂੰ..!!