Wo mile, baat kiye, fir thukraa ke chal diye
ham baithe, jraa roye, fir muskuraa ke chal diye
वो मिले, बात किए, फिर ठुकरा के चल दिए।
हम बैठे, जरा रोए, फिर मुस्कुरा के चल दिए।
हर्ष ✍️
Wo mile, baat kiye, fir thukraa ke chal diye
ham baithe, jraa roye, fir muskuraa ke chal diye
वो मिले, बात किए, फिर ठुकरा के चल दिए।
हम बैठे, जरा रोए, फिर मुस्कुरा के चल दिए।
हर्ष ✍️
“Tujhe dekhne se in ankhon ko sukoon milta hai , ki tujhe dekhne se in ankhon ko sukoon milta hai.
Tu koi apna ya koi farishta sa lagta hai,jiske hone se ye dil dhadakne sa lagta hai”.
हर जंग उम्मीद के दीये से ही लड़ी जाती है,
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸
हर सिपाही यही सोचकर रणभूमि में उतरता है
कि विजयी होकर अपनों के बीच लौटेगा।
मगर जंग तो जंग है,
किसी को हारना ही पड़ता है,
किसी को घर छोड़ना ही पड़ता है।
और जो जीतते हैं,
वो भी कुछ खोकर ही जीत हासिल करते हैं।
यही हर जंग का आधार है, और ज़िन्दगी का सार भी है। 🌸” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp