के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सा शर्माती हो
और पता नही क्यों तू मुझे इस तरह देखकर
इस तरह फिसल जाती हो
Enjoy Every Movement of life!
के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सा शर्माती हो
और पता नही क्यों तू मुझे इस तरह देखकर
इस तरह फिसल जाती हो
Tere shehar ne mera sab luttiyaa
bhanwe kitaa aa tabaah
phir v chandre dil nu changa lagge tera garaah
ਤੇਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਨੇ ਮੇਰਾ ਸਬ ਲੁਟਿਆ
ਭਾਂਵੇ ਕੀਤਾ ਆ ਤਬਾਹ
ਫਿਰ ਵੀ ਚੰਦਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਚੰਗਾ ਲੱਗੇ ਤੇਰੇ ਗਰਾਂ
कितने जोरो से रोया होगा दिल
भरा बैठा था जो मुद्दत से
तुमने तो बस आने से इंकार किया था
इधर मरने चले थे हम फुरसत से