के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सा शर्माती हो
और पता नही क्यों तू मुझे इस तरह देखकर
इस तरह फिसल जाती हो
के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सा शर्माती हो
और पता नही क्यों तू मुझे इस तरह देखकर
इस तरह फिसल जाती हो
तू चलता चल ऐ बंदेया
माना मुश्किल , है सफ़र
पर जब साथ हो कोई हमदर्द
तो किस बात का डर
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से
माना है , जिस राह पर तू चला है
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर बनना मेरे यार
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।
है गुस्ताखी बेवफाई
है गुस्ताखी बेवफाई,
उसने ये गुस्ताखी कर दिखाई।
जो जान थी कभी हमारी..
जो जान थी कभी हमारी,
आज हो गई है पराई।।