के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सा शर्माती हो
और पता नही क्यों तू मुझे इस तरह देखकर
इस तरह फिसल जाती हो
Enjoy Every Movement of life!
के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सा शर्माती हो
और पता नही क्यों तू मुझे इस तरह देखकर
इस तरह फिसल जाती हो
Mujhe bolna nhi aata
Usse sabr karna nhi aata
Mai kese kahu mujhe mohabbat hai usse
Us pagal shakhs ko meri akhon ko padha bhi nhi aata😑
मुझे बोलना नही आता
उसे सब्र करना नही आता
मैं कैसे कहूँ मुझे मोहोब्बत है उससे
उस पागल शख्स को मेरी आँखें पढ़ना भी नही आता😑
nahin chaahie kuchh bhee teree ishq ki dookaan se,
har cheej mein milaavat hai bewafai ki……
नहीं चाहिए कुछ भी तेरी इश्क़ कि दूकान से,
हर चीज में मिलावट है बेवफाई कि……