ना हो मुझ पर इतना मेहरबान
तुम्हारी सारी चालाकियां जानता हूं मैं
यह जो आये हो मेरे पास तुम चेहरा बदल कर
तुमसे मोहब्बत की थी कभी तुम्हे अच्छी तरह पहेचानता हूं मैं
हो गई होगी मोहब्बत तुम्हें राकिब के साथ
इतना तोह जानता हूं मैं
-ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
ना हो मुझ पर इतना मेहरबान
तुम्हारी सारी चालाकियां जानता हूं मैं
यह जो आये हो मेरे पास तुम चेहरा बदल कर
तुमसे मोहब्बत की थी कभी तुम्हे अच्छी तरह पहेचानता हूं मैं
हो गई होगी मोहब्बत तुम्हें राकिब के साथ
इतना तोह जानता हूं मैं
-ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
sarkaara ne karta kisaan nu heena
fir kehnde mahura kyu peena
ਸਰਕਾਰਾ ਨੇ ਕਰਤਾ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਹੀਣਾ,
ਫਿਰ ਕਹਿੰਦੇ ਮਹੁਰਾ ਕਿਉ ਪੀਣਾ
…ਕੁਲਵਿੰਦਰਔਲਖ
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..