na ishq haar maanata,
aur na hee dil baat maanata,
kyon nahin tum hee maan jaate..
ना इश्क़ हार मानता,
और ना ही दिल बात मानता,
क्यों नहीं तुम ही मान जाते..
na ishq haar maanata,
aur na hee dil baat maanata,
kyon nahin tum hee maan jaate..
ना इश्क़ हार मानता,
और ना ही दिल बात मानता,
क्यों नहीं तुम ही मान जाते..
राहे कितनी अंजान सी, मेरी खामोशी मेरी जुबान सी
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
इन आंखों में कभी अश्क सी, कभी लबो पे मुस्कान सी
सिमट जाए जो वो तो तिनका भर ये जहान, खुल के झूम तो आसमान सी
वो आंखों में एक नमी सी, वो जीवन में एक कमी सीधड़कने दफन उसके बिना इस दिल में और सांसे थमी- थमी सी
रखे ख्वाहिश भी क्या एक उसे पाने के सिवा मेरे जीवन में वो मुकाम सी I
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
