ना जाने कितने दिल टूटे होंगे
कितनो ने दिल को जलाया होगा
एक तूफान सा आया होगा शहर में
जब उसे शहर से ले जाया गया होगा
ना जाने कितने दिल टूटे होंगे
कितनो ने दिल को जलाया होगा
एक तूफान सा आया होगा शहर में
जब उसे शहर से ले जाया गया होगा
Tu dard asi dukhde hirde haan
Tu hasa e te hassde chehre haan asi..!!
Tu judeya e naal na soch doori da
Tere haan sajjna ve tere haan asi..!!
ਤੂੰ ਦਰਦ ਅਸੀਂ ਦੁਖਦੇ ਹਿਰਦੇ ਹਾਂ
ਤੂੰ ਹਾਸਾ ਏ ਤੇ ਹੱਸਦੇ ਚਿਹਰੇ ਹਾਂ ਅਸੀਂ..!!
ਤੂੰ ਜੁੜਿਆ ਏ ਨਾਲ ਨਾ ਸੋਚ ਦੂਰੀ ਦਾ
ਤੇਰੇ ਹਾਂ ਸੱਜਣਾ ਵੇ ਤੇਰੇ ਹਾਂ ਅਸੀਂ..!!
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।