मनाता हूं तो मान जाती है, फितरत तो आज भी वैसी है..
जहां जाकर भी वो मुझे ना भूली, ना जाने वो दुनिया कैसी है..
ना कर सका अलग उसे खुदा भी मुझसे, मेरे प्यार की ताकत ऐसी है..
उसके बाद ना मिला मुझे कोई भी ऐसा, जिसे कह सकूँ के उसके जैसी है..
मनाता हूं तो मान जाती है, फितरत तो आज भी वैसी है..
जहां जाकर भी वो मुझे ना भूली, ना जाने वो दुनिया कैसी है..
ना कर सका अलग उसे खुदा भी मुझसे, मेरे प्यार की ताकत ऐसी है..
उसके बाद ना मिला मुझे कोई भी ऐसा, जिसे कह सकूँ के उसके जैसी है..
Ab mohabbat hai ya nafrat isse mat jataya Karo Baat ko Karo khatam, Jo Dil mae hai Usse zuban pe laya karo
अब मोहब्बत है या नफ़रत इससे मत जताया करो
बात को करो ख़तम, जो दिल में है उससे ज़ुबान पे लाया करो
Suno…
Tumhaare shaher ki raat ka… Tanhaa sitaara hoon…
Mujhe bujhaa kar… Sar-e-shaam kya jalaawongi…
Jaana…
Kya kahaa…? Aapko bhi shayri pasand he meri…?
Agar ho gayaa ishq… To kahaan jaawongi…?