मनाता हूं तो मान जाती है, फितरत तो आज भी वैसी है..
जहां जाकर भी वो मुझे ना भूली, ना जाने वो दुनिया कैसी है..
ना कर सका अलग उसे खुदा भी मुझसे, मेरे प्यार की ताकत ऐसी है..
उसके बाद ना मिला मुझे कोई भी ऐसा, जिसे कह सकूँ के उसके जैसी है..
Enjoy Every Movement of life!
मनाता हूं तो मान जाती है, फितरत तो आज भी वैसी है..
जहां जाकर भी वो मुझे ना भूली, ना जाने वो दुनिया कैसी है..
ना कर सका अलग उसे खुदा भी मुझसे, मेरे प्यार की ताकत ऐसी है..
उसके बाद ना मिला मुझे कोई भी ऐसा, जिसे कह सकूँ के उसके जैसी है..
Har gal saanjhi karni hai
par sahi waqt di udeek hai
haale teri mehfil de vich
saadi chupi hi theek hai
ਹਰ ਗੱਲ ਸਾਝੀ ਕਰਨੀ ਹੈ..
ਪਰ ਸਹੀ ਵਕ਼ਤ ਦੀ ਉਡੀਕ ਹੈ,
ਹਾਲੇ ਤੇਰੀ ਮਹਿਫ਼ਿਲ ਦੇ ਵਿਚ..
ਸਾਡੀ ਚੁੱਪੀ ਹੀ ਠੀਕ ਹੈ।
