ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
Enjoy Every Movement of life!
ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
Main kabhi kabhi ye sochta hu agar aap na hoti to kya hota
lekin itna janta hu main khush hota.
सुना है खूबसूरती की मरम्मत चल रही है,
आईने में देखी जो सूरत तुमसे जीत रही है,
चन्द फूल लगे तुम्हे बेहद संवरने में मगर,
उनकी खुशबू भी तुम्हारे हुस्न से महक रही है...