ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
Enjoy Every Movement of life!
ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
कुछ अधूरी ख्वाहिश बाकी है ।
जो किसी मजबूरी से बंधी है ।
अधूरी ख्वाहिश ख्वाब कि तरह बन गई है ।
ख्वाहिश को पाने की चाहत तो अभी बाकी है ।
ਦੂਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਪਰਖੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਰਿਸ਼ਤੇ ਅੱਖਾਂ ਸਾਹਮਣੇ ਤਾਂ ਸਾਰੇ ਹੀ ਵਫ਼ਾਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਨੇ ||💯
Duriya vich hi parkhe jande ne rishte akha shmne ta sare hi wafadar hunde ne ||💯