ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
Ohda gussa karna, naraz hona
Bhula dinda e meri khushiyan nu ajad hona..!!
ਓਹਦਾ ਗੁੱਸਾ ਕਰਨਾ, ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋਣਾ
ਭੁਲਾ ਦਿੰਦਾ ਏ ਮੇਰੀ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਆਜ਼ਾਦ ਹੋਣਾ..!!
ham apana dard kisee ko kahate nahee,
vo sochate hain kee ham tanhaee sahate nahee,
aankhon se aansoo nikale bhee to kaise,
kyoki sookhe huve dariya kabhee bahate nahee…
हम अपना दर्द 😟 किसी को कहते नही,
वो सोचते हैं की हम तन्हाई सहते नही,
आँखों से आँसू निकले भी तो कैसे,
क्योकि सूखे हुवे दरिया कभी बहते नही…