ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
Enjoy Every Movement of life!
ना मंजिल रही ना रास्ता रहा
ये कैसी उलझन में डाल दिया
ना मिल पा रहे है ना दूर जा रहे है
ये कैसे वहम में हमको डाल दिया
K rooyen bhi to rooyen kaise
Hum jise chahte hain vo kisi or ke saath khush hai
Maan liya tha jise khuda se upar,
Na milne par uske shikayat ab khuda se kyu!
मान लिया था जिसे खुदा से भी ऊपर,
न मिलने पर उसके शिकायत अब खुदा से क्यों !