
Na ta ohde bullan te tera zikar e
Na hi ohnu tere masum di fikar e..!!

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।
koi vaarda jaan apneya te kai bane jaan de vairi aa
koi dinda sharbat peen nu te koi gholda firda jehraa
ਕੋਈ ਵਾਰਦਾ ਜਾਨ ਆਪਣਿਆਂ ਤੇ ਕਈ ਬਣੇ ਜਾਨ ਦੇ ਵੈਰੀ ਆ
ਕੋਈ ਦਿੰਦਾ ਸ਼ਰਬਤ ਪੀਣ ਨੂੰ ਤੇ ਕੋਈ ਘੋਲਦਾ ਫ਼ਿਰਦਾ ਜ਼ਹਿਰਾਂ
♠ ਸੁਦੀਪ ਮਹਿਤਾ♦