
Na ta ohde bullan te tera zikar e
Na hi ohnu tere masum di fikar e..!!
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
Asi vi narazgi othe jataunde aan..
Jithe umeed howe kise de manaun di..🙂
ਅਸੀਂ ਵੀ ਨਰਾਜ਼ਗੀ ਉੱਥੇ ਜਤਾਉਂਦੇ ਆਂ..
ਜਿੱਥੇ ਉਮੀਦ ਹੋਵੇ ਕਿਸੇ ਦੇ ਮਨਾਉਣ ਦੀ..🙂