Na rakh saamb k dard apne nu
ehnu niklan de folaad ban k
pachhtaunge dard den wale tad
jad tere bol lokaan di jubaan ban gae
ਨਾ ਰੱਖ ਸਾਂਭ ਕੇ ਦਰਦ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਇਹਨੂੰ ਨਿਕਲਣ ਦੇ ਫੌਲਾਦ ਬਣ ਕੇ
ਪਛਤਾਉਣਗੇ ਦਰਦ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਤਦ
ਜਦ ਤੇਰੇ ਬੋਲ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਜੁਬਾਂ ਬਣ ਗੇ
Na rakh saamb k dard apne nu
ehnu niklan de folaad ban k
pachhtaunge dard den wale tad
jad tere bol lokaan di jubaan ban gae
ਨਾ ਰੱਖ ਸਾਂਭ ਕੇ ਦਰਦ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਇਹਨੂੰ ਨਿਕਲਣ ਦੇ ਫੌਲਾਦ ਬਣ ਕੇ
ਪਛਤਾਉਣਗੇ ਦਰਦ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਤਦ
ਜਦ ਤੇਰੇ ਬੋਲ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਜੁਬਾਂ ਬਣ ਗੇ
*क्षमा दान की शक्ति*
आखिर मैं एक इंसान हूँ,पर आप तो हो भगवान।
जो भी होता है नियति है,नहीं पता मुझे परिणाम।
मैंने जो अब तक कि गलती,जो आगे करने वाला हूँ।
हे प्रभु! आज अतिरिक्त में,मुझको दे दो क्षमा दान।
आपने जो भी है दिया सबको, उसमें रहना सन्तुष्ट सभी।
स्वार्थ और ईर्ष्यावश में,नहीं होना है पथभ्रष्ट कभी।
इंसान गलतियों का पुतला,हो सका कभी परिपूर्ण नहीं।
फिर मद में अन्धा होकर वो,भूल जाता ही है गलत सही।
पर आप दया के सागर हो,करुणा के हो भंडार प्रभु।
सब के मन से द्वेष को करके दूर, आप सब मे भर दो प्यार प्रभु!
सब जीव आपकी संताने,न करें कोई भी भेदभाव।
बन जाओ सब मन से उदार,करें क्षमा द्वेष का हो अभाव।
सच्चे मन से करे प्रायश्चित तो,प्रभु हर अपराध क्षमा कर जाते हैं।
आप सर्वशक्तिमान इसी कारण ही,सब के द्वारा कहलाते हैं।
सच में वो ही है शक्तिमान,जिसने है सब को माफ किया।
भूल के सारी बातों को ,हर किसी का है जो साथ दिया।