
Tere gam ch pahunchiyan jo sikhra ne..!!
Na tenu bhora kadar sadi
Na tenu zara vi fikra ne..!!

मुझे भी तीर की तरह बहुत कुछ चुभता हैं 🥺
बस एक तस्वीर की तरह खामोश रहती हुं😶
खामोशियां मेरी मुझसे बातें करती है
हर दर्द खामोशियों का समझती रहती हूं
खामोशी की तह में छुपा कर उलझनें
मुश्किलें अपनी ऐसे आसान कर लेती हूं
पहले उलझती थी बात- बात पर
अब ख़ामोशी से हार मान लेती हूं😊
TERI SURAT KI AB KYA TARIF KARU ME🤐
ALFAZ HI KHATM HO JATE HAI
TERI ADAYE DEKH KAR HI HUM❣
GHAYAL🤩 SE HO JATE HAI..
तेरी सूरत की अब क्या तारीफ करूँ मैं🤐
अल्फ़ाज़ ही खत्म हो जाते हैं
तेरी अदाएं देख कर ही हम❣
घायल🤩 से हो जाते हैं।।