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Nafrat ka bhav || hindi ghaint pyar shayari

नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया,
मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया।

फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर,
गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया।

सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो,
नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया।

कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत,
सद्भावना के फूल पिरोता चला गया।

जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं,
विश्वास अपने आप पर होता चला गया।

अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां,
मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया।

उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग,
हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...

Title: Nafrat ka bhav || hindi ghaint pyar shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


धरती सारी

दरवाज़ा किसी के जीवन में

ख़ुद को समझ लें

उस ग़ुरूर से बचाना ईश्वर

कि बंद करने को

कुछ रहे पास

दीवार ही सही

कमर टिकाई हो जिस पर

कभी किसी कमज़ोर पल

उस पर थूक सकने की

जहालत से भी बचाना

पर वह साहस ज़रूर देना

जो मुँह से बाहर निकलते दिल को पकड़ सके

सँभाल सके और कह सके

कि जो पाया उसे लौटाने से ज़्यादा ज़रूरी है

उस भूमिका को सँभालना जो हम निभाते हैं

अपने या किसी और के जीवन में

माफ़ कर सकें उनसे ज़्यादा खुद को

याद रख सकें बस इतना

कि विश्व के सबसे अलोकप्रिय लोगों ने बख़्शी जान हमें

उन्हें सबने नज़रंदाज़ किया

उनके पैरों में सारे आँसू वार दें

उनकी हथेली में बिखेर सकें सारी हँसी

जब कह देना ही सब कुछ हो

चुप रह सकें उस वक़्त

कड़वी बात को यूँ ज़ब्त कर लें

नाख़ूनों में भर लें

खुरचकर धरती सारी।

Title: धरती सारी


Sukoon✨ || milange tareya de os Paar || punjabi ghaint shayari