Skip to content

Nafrat ka bhav || hindi ghaint pyar shayari

नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया,
मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया।

फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर,
गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया।

सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो,
नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया।

कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत,
सद्भावना के फूल पिरोता चला गया।

जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं,
विश्वास अपने आप पर होता चला गया।

अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां,
मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया।

उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग,
हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...

Title: Nafrat ka bhav || hindi ghaint pyar shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Zindgi kaha shuru kaha khatam

जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे

Title: Zindgi kaha shuru kaha khatam


Apna kaun hai || hindi shayari || two line shayari

Zikar se nhi
fikar se pata chalta hai ki aapna kaun hai…❣️

ज़िक्र से नहीं
फिक्र से पता चलता है कि अपना कौन है…❣️

Title: Apna kaun hai || hindi shayari || two line shayari