Enjoy Every Movement of life!
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
बिछड़ते वक्त,एक दर्द और दे गया
दिल में रहा,फिर दिल ही ले गया
अब खाली बादल है, ज़िंदगी मेरी
वो सर्दी गर्मी, सारे मौसम ले गया
यही सोच कर रोता हूं, अक्सर मैं
किस जगह अपने, कदम ले गया
छोटी-छोटी बात,सोचने वाला मैं
क्यूं बड़ा फैसला, एकदम ले गया
तोहफ़े भी लिए, और दिए बहुत
वो खुशी ले गया, मैं गम ले गया
और फिर होतीं रहीं, बारिशे वहां
मैं जहां से भी आंखें, नम ले गया
