Enjoy Every Movement of life!
बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
पी 🍻 लेंगे हम तुम्हारे हर एक अश्क ,
कभी अपनी महफ़िल 🌆 में हमे बैठाकर तो देखो …
भाभी कहोगे तुम खुदकी 👩 गर्ल फ्रैंड को ,
कभी उसे हमसे मिलाकर तो देखो … ।। 😝😝
