Naina apneya da nasha pila
Na mud tarsaya kar sajjna..!!
Akhiyan naal mila ke akhiyan
Na niwi paya kar sajjna❤️..!!
ਨੈਣਾਂ ਆਪਣਿਆਂ ਦਾ ਨਸ਼ਾ ਪਿਲਾ
ਨਾ ਮੁੜ ਤਰਸਾਇਆ ਕਰ ਸੱਜਣਾ..!!
ਅੱਖੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਅੱਖੀਆਂ
ਨਾ ਨੀਵੀਂ ਪਾਇਆ ਕਰ ਸੱਜਣਾ❤️..!!
Naina apneya da nasha pila
Na mud tarsaya kar sajjna..!!
Akhiyan naal mila ke akhiyan
Na niwi paya kar sajjna❤️..!!
ਨੈਣਾਂ ਆਪਣਿਆਂ ਦਾ ਨਸ਼ਾ ਪਿਲਾ
ਨਾ ਮੁੜ ਤਰਸਾਇਆ ਕਰ ਸੱਜਣਾ..!!
ਅੱਖੀਆਂ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਅੱਖੀਆਂ
ਨਾ ਨੀਵੀਂ ਪਾਇਆ ਕਰ ਸੱਜਣਾ❤️..!!
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम
Bhul ja hun mainu tu bhawe yaad rakh
painge bhulekhe tainu
yaad rakh
ਭੁੱਲ ਜਾ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਤੂੰ ਭਾਂਵੇ ਯਾਦ ਰੱਖ
ਪੈਣਗੇ ਭੁਲੇਖੇ ਤੈਨੂੰ
ਯਾਦ ਰੱਖ