You are a delicate carving of my food.
You are a delicate carving of my food.
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
Kadi tutteya nai mere dil ton
teriyaan yaadan da rishta
bhawe gal howe ya naa
khayal hamesha eh tera hi rakhda
ਕਦੀ ਟੁਟਿਆ ਨਈ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਤੋਂ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਦਾ ਰਿਸ਼ਤਾ
ਭਾਂਵੇ ਗੱਲ ਹੋਵੇ ਜਾ ਨਾ
ਖਿਆਲ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਇਹ ਤੇਰਾ ਹੀ ਰੱਖਦਾ