
Onni vaar khud nu aap hi mana ke hasaya e asi..!!

अपना हाल–ऐ–दिल बयां करने निकला तो,
वे कहने लगे एक–तरफा इश्क़ कुछ नहीं होता।
रुस्वाही समझकर,निराश भटकने लगे।।
जनाब को कोई समझाओ….
एक–तरफा इश्क़ में रोज़ दिल टूटते हैं,
आस रहती है, कभी मुड़कर हम्पें नजर पड़े उनकी,
हर रोज़ एक नई कहानी बनती है उनके साथ,
बस ख्यालों में जीते हैं……….
हमारी दास्तां….
बस ये कोरे पन्ने सुनते हैं,
डर है कि किसी रोज़ ये जलकर काले न हो जाएं।।।
Woh Nahi jaanti maine kis kadar aapno ko khoyeaa hai
Vikram jo hasaata tha kabhi auroon ko
Aaaj woh kitna foot foott royea hai
वो नही जानती मैंने किस कदर अपनों को खोया है,
विक्रम जो हँसाता था कभी औरों को आज वो कितना फूट फूट रोया है।