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Naseeb Apna Hai Ruthe Hue Sanam Ki Tarah

Naseeb Apna Hai Ruthe Hue Sanam Ki Tarah
Agar Khushi Kabhi Milti Bhi Hai To Gham Ki Tarah.
Rekhta Pataulvi

Title: Naseeb Apna Hai Ruthe Hue Sanam Ki Tarah

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai

चाल अभी धीमी है,

पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।

हालात अभी उलझे हैं,

पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।

हौसलों की कमी नहीं,

क़्त भले ना हो ज्यादा।

शह मात की खेल है जिंदगी,

मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।

पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,

रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।

गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,

आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।

लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,

अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।

डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,

धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।

                           तरुण चौधरी     

Title: सफर और मंजिल || chaal abhi dheemi hai


Ulte sidhe sapne || hindi shayari

उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं

इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं

बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं

धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं

साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं

आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं

Title: Ulte sidhe sapne || hindi shayari