
Oh badle badle lagde ne
ohna dil uchheyaan naal laa laye ne
hun jraa mudh ke vekde nai
lagda sajjan nawe bna lae ne

Oh badle badle lagde ne
ohna dil uchheyaan naal laa laye ne
hun jraa mudh ke vekde nai
lagda sajjan nawe bna lae ne
Ye intzar kyu hota kisi k liye,
Aaj nahi to kal jaana hi hey,
Jindgi k raaho me kabhi baitha karte they,
Aaj unhi k palko k liye intzar kar baithe.
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।