kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…
Enjoy Every Movement of life!
kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…
आ भर लूं तुझे आंखों के प्यालों में,
कहीं और जाने दूं तो कैसे...
कोशिशें तो करता हूं हरपल,
आंखो में नमी आने दूं तो कैसे...
वो दौर भी इश्क़ का आकर
गुज़र गया इक लम्हा हो जैसे...
सिमट जाऊंगा सुलगती चंद लकड़ियों में
पर तेरे कानों तक ये बात जाने दूं तो कैसे...
फिजाओं के बदलने का इंतज़ार मत कर
आँधियों के रुकने का इंतज़ार मत कर
पकड़ किसी को और फरार हो जा
पापा की पसंद का इंतज़ार मत कर