kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…
kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
Sanu khayal tera vi shooh jawe
Ta khid jawe loo loo mahiya..!!
Hune duniya de lakhan chahun vale
Sada ta ikko tu mahiya..!!
ਸਾਨੂੰ ਖ਼ਿਆਲ ਤੇਰਾ ਵੀ ਛੂਹ ਜਾਵੇ
ਤਾਂ ਖਿੜ ਜਾਵੇ ਲੂੰ ਲੂੰ ਮਾਹੀਆ..!!
ਹੋਣੇ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਲੱਖਾਂ ਚਾਹੁਣ ਵਾਲੇ
ਸਾਡਾ ਤਾਂ ਇੱਕੋ ਤੂੰ ਮਾਹੀਆ..!!