kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…
kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…
Tenu paun di koi Jada khwahish nahi🙃
Bas talab eh ke nazran de sahwein rahe tu❤️..!!
ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਕੋਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਖ਼ਵਾਹਿਸ਼ ਨਹੀਂ🙃
ਬਸ ਤਲਬ ਇਹ ਕਿ ਨਜ਼ਰਾਂ ਦੇ ਸਾਹਵੇਂ ਰਹੇ ਤੂੰ❤️..!!
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?