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Nazare tere hi tere || two line Punjabi shayari || best shayari

Dekha jad vi mein char chuphere mere
Menu disan nazare bas tere hi tere..!!

ਦੇਖਾਂ ਜਦ ਵੀ ਮੈਂ ਚਾਰ ਚੁਫ਼ੇਰੇ ਮੇਰੇ
ਮੈਨੂੰ ਦਿਸਣ ਨਜ਼ਾਰੇ ਬੱਸ ਤੇਰੇ ਹੀ ਤੇਰੇ..!!

Title: Nazare tere hi tere || two line Punjabi shayari || best shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Aaakhir me ek insaan hu || hindi poetry

*क्षमा दान की शक्ति*

आखिर मैं एक इंसान हूँ,पर आप तो हो भगवान।
जो भी होता है नियति है,नहीं पता मुझे परिणाम।
मैंने जो अब तक कि गलती,जो आगे करने वाला हूँ।
हे प्रभु! आज अतिरिक्त में,मुझको दे दो क्षमा दान।
आपने जो भी है दिया सबको, उसमें रहना सन्तुष्ट सभी।
स्वार्थ और ईर्ष्यावश में,नहीं होना है पथभ्रष्ट कभी।
इंसान गलतियों का पुतला,हो सका कभी परिपूर्ण नहीं।
फिर मद में अन्धा होकर वो,भूल जाता ही है गलत सही।
पर आप दया के सागर हो,करुणा के हो भंडार प्रभु।
सब के मन से द्वेष को करके दूर, आप सब मे भर दो प्यार प्रभु!
सब जीव आपकी संताने,न करें कोई भी भेदभाव।
बन जाओ सब मन से उदार,करें क्षमा द्वेष का हो अभाव।
सच्चे मन से करे प्रायश्चित तो,प्रभु हर अपराध क्षमा कर जाते हैं।
आप सर्वशक्तिमान इसी कारण ही,सब के द्वारा कहलाते हैं।
सच में वो ही है शक्तिमान,जिसने है सब को माफ किया।
भूल के सारी बातों को ,हर किसी का है जो साथ दिया।

Title: Aaakhir me ek insaan hu || hindi poetry


स्त्री हूं मैं

        स्त्री हूं मैं……

स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है

मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।

अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं

तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।

अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी

उसमे भी खोट नजर आती है।

मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।

यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती

एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।

मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है

मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।

Title: स्त्री हूं मैं