“ Ek waqt tha jab unke nazron se nazare nahi hatti thi,
or aaj ek waqt hai unke nazrie hi nahi dikhti.”
Enjoy Every Movement of life!
“ Ek waqt tha jab unke nazron se nazare nahi hatti thi,
or aaj ek waqt hai unke nazrie hi nahi dikhti.”
Aaj fir kuch purane khyalo ne dil par dastak di hai
Mili nhi jo maafi ab tkk kya itni badi gustakhi ki hai 🍂
आज फिर कुछ पुराने ख्यालों ने दिल पर दस्तक दी है मिली नही जो माफी अब तक क्या इतनी बड़ी गुस्ताखी की है🍂
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
तरुण चौधरी