Skip to content

Nazrein Na churaya kar || love Hindi shayari

Kuch der tujhe fursat se taad lete hain
Tujhe apni ankhon mein utaar lete hain
Aur tu yun na nazrein churaya kar humse
Hum to bas apna din swar lete hain ❤

कुछ देर तुझे फुरसत से ताड लेते है
तुझे अपनी आखों में उतार लेते है
और तू यू ना नजरे चुराया कर हमसे
हम तो बस अपना दिन सवार लेते है❤

Title: Nazrein Na churaya kar || love Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi


Darda nu pee gya || punjabi dard shayari

ਔਸ ਰਾਹ ਤੇ ਚਲਿਆ ਸੀ ਗਾਬਾ ਤੇਰੇ ਲਈ
ਜਿਸ ਰਾਹ ਤੇ ਕੰਢੇ ਪਿਆਰ ਸੀ
ਦਰਦਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਪੀ ਗਿਆ ਸੀ ਗਾਬਾ
ਔਹ ਵੀ ਤੇਰੇ ਲਈ ਬੇਕਾਰ ਸੀ
ਅਖਾਂ ਤੇਰੀ ਤੇ ਪੱਟੀ ਕਾਹਦੀ
ਤੇਨੂੰ ਦਿਸਦਾ ਨੀ ਪਿਆਰ ਕਿਸੇ ਦਾ
ਤੇਨੂੰ ਏਣੀ ਕਦਰ ਮਿਲੇ
ਕਰਦਾਂ ਨੀ ਜਿਨੀ ਯਾਰ ਕਿਸੇ ਦਾ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

 

 

 

Title: Darda nu pee gya || punjabi dard shayari