
Yaar diyan badneetiyan ne fer esa rukh modeya..!!
Bekadar jehe ho te bedard jehe ban ke
Nazuk sada dil shreaam ohna todeya..!!

Garmi Suraj mae hoti hai
Jalte zameen wale log
Jalna Suraj ko chahiye
Fir apas mae kyu jalte hai log
गर्मी सूरज मए होती है
जलते ज़मीन वाले लोग
जलना सूरज को चाहिए
फिर आपस में क्यों जलते हैं लोग
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला