Alfaz sade chubde ne taa dsda jayi sajjna
Asi chup rehna Sikh lawange teri khushi khatir..!!
ਅਲਫਾਜ਼ ਸਾਡੇ ਚੁੱਭਦੇ ਨੇ ਤਾਂ ਦੱਸਦਾ ਜਾਈਂ ਸੱਜਣਾ
ਅਸੀਂ ਚੁੱਪ ਰਹਿਣਾ ਸਿੱਖ ਲਵਾਂਗੇ ਤੇਰੀ ਖੁਸ਼ੀ ਖਾਤਿਰ..!!
अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है
दिया है हुस्न मौला ने दिखाना भी ज़रूरी है
इशारा तो करो कभी मुझको अपनी निगाहों से
अगर है इश्क़ मुझसे तो जताना भी ज़रूरी है
अगर कर ले सभी ये काम झगड़ा हो नहीं सकता
ख़ता कोई नजर आए छुपाना भी ज़रूरी है
अगर टूटे कभी रिश्ता तुम्हारी हरकतों से जब
पड़े क़दमों में जाकर फिर मनाना भी ज़रूरी है
कभी मज़लूम आ जाए तुम्हारे सामने तो फिर
उसे अब पेट भर कर के खिलाना भी ज़रूरी है
अगर रोता नजर आए कभी मस्जिद या मंदिर में
बड़े ही प्यार से उसको हँसाना भी ज़रूरी है
~ मुहम्मद आसिफ अली