Ishq aunda nahi samjhan ch har kise de
Samjhe ohi jinne eh nigh sek leya..!!
“Roop” gehrai-e-ishq ohi mapde ne
Jinne yaar ch rabb nu dekh leya..!!
ਇਸ਼ਕ ਆਉਂਦਾ ਨਹੀਂ ਸਮਝਾਂ ‘ਚ ਹਰ ਕਿਸੇ ਦੇ
ਸਮਝੇ ਓਹੀ ਜਿੰਨੇ ਇਹ ਨਿੱਘ ਸੇਕ ਲਿਆ..!!
“ਰੂਪ” ਗਹਿਰਾਈ-ਏ-ਇਸ਼ਕ ਓਹੀ ਮਾਪਦੇ ਨੇ
ਜਿੰਨੇ ਯਾਰ ‘ਚ ਰੱਬ ਨੂੰ ਦੇਖ ਲਿਆ..!!
ऐसा क्या लिखूँ कि वो मेरा हो जाए , दिल दुखाने के तरीके का नया इंतजाम हो जाए ।
मोहब्बत जुनून नहीं नशा है मेरा , बचने की हर कोशिश अब नाकाम हो जाए ।।
है दस्तूर कायनात का निभाना तो होगा , दूर है वो मुझसे पास आना तो होगा ।
नफरत की खैरात को मेरे हिस्से आने दो , अपने हर शब्द अमर कर दूँ पर पहले तुम्हें आना तो होगा ।।
कुछ अनकही बातें याद आती रही , सारी रात मेरा दिल दुखाती रही ।
है मेरे मन में क्या सोचा बता दूँ तुम्हें , पर बढ़ते हुए फासले की वजह मुझे सताती रही ।।