Nit teriyaan yaadan nu main likhan
kaante maaran, paarran varke
te fir likhaan …..
Nit teriyaan yaadan nu main likhan
kaante maaran, paarran varke
te fir likhaan …..
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।
Roj c takde jihnu
sahmne auna band kar rakheyaa e
jyaada tang na kare
phone v band kar rakeyaa e
milna milauna taa door e
mere bina khaana v band kar rakeyaa e
soch ke rauna aunda
ajh kal ohne bolna blauna band kar rakeyaa e
ਰੋਜ਼ ਸੀ ਤੱਕਦੇ ਜਿਹਨੂੰ
ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ
ਜਿਆਦਾ ਤੰਗ ਨਾ ਕਰੇ
ਫੋਨ ਵੀ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ
ਮਿਲਣਾ ਮਿਲਾਉਣਾ ਤਾਂ ਦੂਰ ਏ
ਮੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਖਾਣਾ ਵੀ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ
ਸੋਚ ਕੇ ਰੌਣਾ ਆਉਂਦਾ
ਅੱਜ ਕੱਲ ਉਹਨੇ ਬੋਲਣਾ
ਬਲਾਉਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਰੱਖਿਆ ਏ