Enjoy Every Movement of life!
Majhhiya di tha Maapeya nu ajj Chaar rahe,
Firde vaang awaara RAANJHE heeran de!!!
PRIYASAABIR
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
