
Oh soohe rang khaas warga..!!
Ohde khayalan di chashni ch dubbi haan
Oh gud di mithaas warga..!!

kal raat kalam fad me
ek tasveer bnaunda reha
fir kisse di yaad vich me
saari raat raunda reha
ਕੱਲ ਰਾਤ ਕਲਮ ਫੜ ਮੈਂ
ਇਕ ਤਸਵੀਰ ਬਣਾਉਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਮੈਂ
ਸਾਰੀ ਰਾਤ ਰੌਂਦਾ ਰਿਹਾ
👧 *बाँझपन एक कलंक क्यों ???*👧
एक औरत माँ बने तो जीवन सार्थक
अगर माँ न बने तो जीवन ही निरथर्क,
किसने कहा है ये, कहाँ लिखा है ये,
कलंकित बोल-बोल जीवन बनाते नरक।
बाँझ बोलकर हर कोई चिढ़ाते,
शगुन-अपशगुन की बात समझाते।
बंजर ज़मीं का नाम दिया है मुझे,
पीछे क्या, सामने ही मेरा मज़ाक़ उड़ाते।
ममत्व का पाठ मैं भी जानती,
हर बच्चे को अपना मानती,
कोख़ से जन्म दूँ, ज़रूरी नहीं,
लहू का रंग मैं भी पहचानती।
आँचल में मेरे है प्यार भरा,
ममता की मूरत हूँ देख ज़रा,
क़द्र जानूँ मैं बच्चों की,
नज़र से मुझे ज़माने न गिरा।
कलंक नहीं हूँ इतना ज़रा बता दूँ,
समाज को एक नया पाठ सीखा दूँ,
बच्चा न जन्म दे सकी तो क्या,
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।
समाज पे बराबर का हक़ मैं जता दूँ।