
Mein ode utte fira Mardi
Oh v jaan metho vaarn lagga..!!

Sadi nibhdi nahi c hanjhuya naal🙌
Bull utawle rehnde c khush hone nu☺️..!!
Kahde ishq de paindde nu pair pye😒
Hun fad bethe haan umran de rone nu💔..!!
ਸਾਡੀ ਨਿਭਦੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਹੰਝੂਆਂ ਨਾਲ🙌
ਬੁੱਲ੍ਹ ਉਤਾਵਲੇ ਰਹਿੰਦੇ ਸੀ ਖੁਸ਼ ਹੋਣੇ ਨੂੰ☺️..!!
ਕਾਹਦੇ ਇਸ਼ਕ ਦੇ ਪੈਂਡੇ ਨੂੰ ਪੈਰ ਪਏ😒
ਹੁਣ ਫੜ੍ਹ ਬੈਠੇ ਹਾਂ ਉਮਰਾਂ ਦੇ ਰੋਣੇ ਨੂੰ💔..!!
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...