
Kon samjhe peerh ohna raatan di..!!
Ohde naal mohobbat kinni c
Ohne kadar hi na payi jazbatan di..!!

कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता
Dard vi tenu hi hunda e
Dil vi tera hi dukhda e
Asi ta pathar haan..!!
ਦਰਦ ਵੀ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਏ
ਦਿਲ ਵੀ ਤੇਰਾ ਹੀ ਦੁੱਖਦਾ ਏ
ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਪੱਥਰ ਹਾਂ..!!