ਉਹਦੀ ਯਾਦ ਨੇ ਅੱਜ ਫਿਰ ਮੈਨੂੰ ਰੁਲਾ ਦਿਤਾ
ਦੋ ਲਫਜ਼ ਲਿਖਣੇ ਨੀ ਆਉਂਦੇ ਸੀ
ਉਹਦੇ ਪਿਆਰ ਨੇ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਦਿਤਾ
ohdi yaad ne ajh fir mainu rulaa dita
do lafz likhne nahi aunde c
ohde pyaar ne shayar bna dita
ਉਹਦੀ ਯਾਦ ਨੇ ਅੱਜ ਫਿਰ ਮੈਨੂੰ ਰੁਲਾ ਦਿਤਾ
ਦੋ ਲਫਜ਼ ਲਿਖਣੇ ਨੀ ਆਉਂਦੇ ਸੀ
ਉਹਦੇ ਪਿਆਰ ਨੇ ਸ਼ਾਇਰ ਬਣਾ ਦਿਤਾ
ohdi yaad ne ajh fir mainu rulaa dita
do lafz likhne nahi aunde c
ohde pyaar ne shayar bna dita

बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯