Ohna parindeyaa nu kaid karna meri fitrat ch nahi,
Jo saadhe naal reh ke gairan naal udan da shaunk rakhde rahe
ਉਨ੍ਹਾ ਪਰਿੰਦੇਆ ਨੂੰ ਕੈਦ ਕਰਨਾ ਮੇਰੀ ਫ਼ਿਤਰਤ ਚ ਨਹੀਂ,
ਜੋ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਰਹਿ ਕੇ ਗੈਰਾ ਨਾਲ ਉਡਣ ਦਾ ਸ਼ੌਕ ਰੱਖਦੇ ਰਹੇ …..
Ohna parindeyaa nu kaid karna meri fitrat ch nahi,
Jo saadhe naal reh ke gairan naal udan da shaunk rakhde rahe
ਉਨ੍ਹਾ ਪਰਿੰਦੇਆ ਨੂੰ ਕੈਦ ਕਰਨਾ ਮੇਰੀ ਫ਼ਿਤਰਤ ਚ ਨਹੀਂ,
ਜੋ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਰਹਿ ਕੇ ਗੈਰਾ ਨਾਲ ਉਡਣ ਦਾ ਸ਼ੌਕ ਰੱਖਦੇ ਰਹੇ …..
Yu mohabbat se na de meri mohabbat ka zawab
Ye saza sakht hai thodi si riyayat kar❣️
यूँ मोहोब्बत से न दे मेरी मोहोब्बत का जवाब
ये सज़ा सख्त है थोड़ी सी रियायत कर❣️
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।