tu khaab na vekheyaa kar saabi khaaba vich aujuga
me pagal shayar aa ishq te laajuga
me pagal shayar aa ishq te laajuga
ਤੂੰ ਖਾਬ ਨਾ ਵੇਖਿਆ ਕਰ “ਸਾਬੀ” ਖਾਬਾ ਵਿੱਚ ਆਜੂਗਾਂ !…
ਮੈਂ ਪਾਗਲ ਸ਼ਾਇਰ ਆਂ ਇਸ਼ਕ ਤੇ ਲਾਜੂਗਾਂ !..
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।