
Tu sahwein khada nazar aawe..!!
Tera nitt aa milna injh sajjna
Menu pagl na kar jawe..!!

Kinna changa lagda e..
Tera menu pyar naal samjha ke kuj kehna
Te mera adab naal teri har gall mann lena..!!
ਕਿੰਨਾਂ ਚੰਗਾ ਲੱਗਦਾ ਏ..
ਤੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਸਮਝਾ ਕੇ ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ
ਤੇ ਮੇਰਾ ਅਦਬ ਨਾਲ ਤੇਰੀ ਹਰ ਗੱਲ ਮੰਨ ਲੈਣਾ..!!❤️❤️
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।