किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂
Asi tan yaara aina tutte hoye aa
ke statusaa vich apna dard byaan nahi kar sakde
ਅਸੀਂ ਤਾ ਯਾਰਾਂ ਐਨਾ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਆ
ਕੇ ਸਟੇਟਸਾ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਦਰਦ ਵੀ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ…