pani dareyaa ch howe ja akh ch
gehraai te raaz dowa ch hunde ne
ਪਾਣੀ ਦਰਿਆ 🌊 ਚ ਹੋਵੇ ਜਾ ਅੱਖਾਂ ਚ,
ਗਹਿਰਾਈ ਤੇ ਰਾਜ ਦੋਵਾਂ ਚ ਹੁੰਦੇ ਨੇ..
pani dareyaa ch howe ja akh ch
gehraai te raaz dowa ch hunde ne
ਪਾਣੀ ਦਰਿਆ 🌊 ਚ ਹੋਵੇ ਜਾ ਅੱਖਾਂ ਚ,
ਗਹਿਰਾਈ ਤੇ ਰਾਜ ਦੋਵਾਂ ਚ ਹੁੰਦੇ ਨੇ..
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
तरुण चौधरी
Jo duniya ki tabahi chahte hai
Hamse khair-khahi chahte hai
Jo muzrim hai hamare
Hum hi se subut-e-begunahi chahte hai😶
जो दुनियां की तबाही चाहते हैं
हमसे खैर-खाही चाहते हैं
जो मुज़रिम है हमारे
हम ही से सबूत-ए-बेगुनाही चाहते हैं😶