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Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mahobbat ka mulazim || Hindi shayari

Hindi shayari || mohobbat shayari || वोह बसा बसाया शहर विरान हों गया
जहां इश्क का एक बेकसूर मुलाजिम सफ़्फा़क हों गया
कौन जाने किस मर्ज से गुज़रा है वोह
जिसका मेहबूब किसी रकी़ब कि मोहब्बत का मोहताज हो गया
वोह बसा बसाया शहर विरान हों गया
जहां इश्क का एक बेकसूर मुलाजिम सफ़्फा़क हों गया
कौन जाने किस मर्ज से गुज़रा है वोह
जिसका मेहबूब किसी रकी़ब कि मोहब्बत का मोहताज हो गया

Title: Mahobbat ka mulazim || Hindi shayari


मंजिल अभी दूर है || hindi shayari || manzil shayari

मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,

शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,

मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…  

Title: मंजिल अभी दूर है || hindi shayari || manzil shayari