
Eda nahio chahan hundiya..!!
Befikre ho nhi saunde sajjna
Jinna nu parwahan hundiya..!!
Enjoy Every Movement of life!

अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो
लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए
सुनने को मुझे तैयार हर कोई है
पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी
मेरी गजलो का हकदार और कोई है