Pata ni dil te ki ki seh gya || Sad punjabi shayari was last modified: December 29th, 2019 by gagan gill
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बिन मंजिल का मुसाफिर उसे दर ब_दर भटकना पड़ा
तपती सहराव में नंगे पांव चला ही चलना पड़ा
ता_उम्र उसने खुदा का शुक्र ही अदा किया उसने
मोहब्बत का मरीज__दुआ में मौत मांगा पड़ा
खवाहिशों का ये दौर भी थम जयेगा
था यकीन , जो मेरा है वो मिल जाएगा ,
उम्र भर से सिकुड़ा था जो तमन्नाओ का फूल
क्या मालूम था तुझे देख वो खिल जाएगा ।
है उम्मीद तू साथ चलेगा जो मेरे उम्र भर
टूटे खवाबों का ये मेरा टाकिया सील जाएगा ।
सबर करुगा तेरे मेरे मुकम्मल होने का
यू ही एक दिन मेरा जीवन तुझमे ढल जाएगा ।
