*मनुष्य की फितरत:-*
*प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सुन रहा है लेकिन निंदा करते समय ये भूल जाता है*
*पुण्य करते समय समझता है कि भगवान देख रहा है लेकिन पाप करते समय ये भूल जाता है*
*दान करते समय समझता है कि भगवान सब में बसता है लेकिन चोरी करते समय ये भूल जाता है*
*प्रेम करते समय समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है लेकिन नफरत करते समय यही बात भूल जाता है!!*
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Sukun kaha hai ab aisi aab-o-hawa mein
Chal rahi hai zindagi apni apni wafa mein
Tu wafadar bhi hai aur adakaar bhi e zindagi
Jaan chuka hu tere kirdaar, mein pehli hi dafa mein…💯🍂
सुकूं कहां है अब ऐसी आब-ओ-हवा में,
चल रही है जिंदगी अपनी, अपनी वफा में,
तू वफादार भी है और अदाकार भी ए-जिंदगी,
जान चुका हूं तेरे किरदार, मैं पहली ही दफा में…💯🍂