Mainu yakeen c aapne pathar dil hon te par
ik hanju duleyaa te mera veham khur gyaਮੈਨੂੰ ਯਕੀਨ ਸੀ ਆਪਣੇ ਪਥਰ ਦਿਲ ਹੋਣ ਤੇ ਪਰ
ਇਕ ਹੰਝੂ ਡੁੱਲਿਆ ਤੇ ਮੇਰਾ ਵਹਿਮ ਖੁਰ ਗਿਆ
Mainu yakeen c aapne pathar dil hon te par
ik hanju duleyaa te mera veham khur gyaਮੈਨੂੰ ਯਕੀਨ ਸੀ ਆਪਣੇ ਪਥਰ ਦਿਲ ਹੋਣ ਤੇ ਪਰ
ਇਕ ਹੰਝੂ ਡੁੱਲਿਆ ਤੇ ਮੇਰਾ ਵਹਿਮ ਖੁਰ ਗਿਆ
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…
Mohabbat ne kya khub karwat badli
Ab Farak usse bhi nahi padta aur yaad hme bhi nahi aati…🥀🥀🥀
मोहोब्बत ने क्या खूब करवट बदली
अब फर्क उन्हें भी नहीं पड़ता और याद हमें भी नहीं आती…🥀🥀🥀