
Hath jakhmi kraa ke asin apne
kandeyaan lai ful sajaunde rahe
satt lagi si meri galti naal
si pathraan nu mom bnaunde rahe

Hath jakhmi kraa ke asin apne
kandeyaan lai ful sajaunde rahe
satt lagi si meri galti naal
si pathraan nu mom bnaunde rahe
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Kinniyaan hi uljhanna ne
mere hathan diyaan lakeeran vich
safar inna te manzil ik v nahi
mere hathan diyaan lakiran vich
ਕਿੰਨੀਆਂ ਹੀ ਉਲਝਣਾਂ ਨੇ
ਮੇਰੇ ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ ਲਕੀਰਾਂ ਵਿੱਚ
ਸਫਰ ਇੰਨਾ ਤੇ ਮੰਜ਼ਿਲ ਇਕ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਮੇਰੇ ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ ਲਕੀਰਾਂ ਵਿੱਚ