
Bas talab eh ke nazran de sahwein rahe tu..!!
Enjoy Every Movement of life!

Thokar sahi, chaahe jaan nikle raahi me, bas
manzil wo ho jo garoor bankar saath chale
ठोकर सही, चाहे जान निकले राहों में, बस,
मंज़िल वो हो जो गुरूर बनकर साथ चले...
क्यों किया तुमने ऐसा,
क्या बिगाड़ा था मैने तुम्हारा
थोड़ा प्यार किया था,कुछ दिल लगाया था
तुमने तो इतनी बड़ी सजा दे दी
के
मुझे किसी से दिल लगाने लायक ही नहीं छोड़ा
अरे छोड़ते भी तो क्या, अब तो सीने में दिल ही नहीं रहा
तुझे रब का वास्ता, तुझे तेरे सबसे अजीज का वास्ता
ये जान भी ले ले
ये जिस्म थक चुका है इस मरी हुई रुह का बोझ उठाते उठाते