जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..
nahi chahida bgair tere ton koi
pyaar taan bas tere naal kita hai
hor kise wal vekhan di v ji nahi karda
ਨਹੀਂ ਚਾਹੀਦਾ ਬਗੈਰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕੋਈ
ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਬੱਸ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਕਿਤਾ ਹੈ
ਹੋਰ ਕਿਸੇ ਵੱਲ ਵੇਖਣੇ ਦਾ ਵੀ ਜੀ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷