जो तुम्हे मुझसे थी वो बस जरूरत थी
जो मैने कभी तुमसे की थी वो मेरी मोहब्बत थी
जो तुम्हारी नज़र ने देखा वो महज एक नजरियां था
जो मेरी नजर ने देखा वो मेरी मोहब्बत थी
जो तुमने गुजारी मेरे साथ वो बस वक्त गुजारी थी
जो मैने गुजारी तुम्हारे साथ वो मेरी मोहब्बत थी
ओर जो सिर्फ़ तन्हाई तक सीमित रही वो यार तेरी हदें थी
जिसे सर–ए–आम लिखा मैने वो मेरी मोहब्बत थी।❤️
मेरी बेरंग दुनिया में फिए एक दफा तूने रंग भर दिये
अधूरे से वो प्यारे किस्से पूरे कर दिये ,
जिंदगी से मिले हर ज़ख़म को
तूने अपनी हंसी से भर दिये ।
मेरी दुआओं का काफिला चलता रहे साथ तेरे ,
ऊपरवाला तेरी जिंदगी खुसियों से भर दे
तेरे साथ ही तो चल रहा अब वजूद मेरा
दुआ है तेरी उम्र मुझसे भी लंबी कर दे।