Enjoy Every Movement of life!
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
Pasand nahi e sajjna
tu mohobbat e meri..!!
ਪਸੰਦ ਨਹੀਂ ਏ ਸੱਜਣਾ
ਤੂੰ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਮੇਰੀ..!!
