

हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….
Mera dard meri nam ankhein sab fizool hai kya
Tu sahi hai to tu bhi meri trah pagl ban ja bol tujhe qabool hai kya…🍀
मेरा दर्द मेरी नम आंखें सब फिजूल है क्या
तू सही है तो तू भी मेरी तरह पागल बन जा बोल तुझे ये
कुबूल है क्या…🍀