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Enjoy Every Movement of life!
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बिछड़ के मुझसे, इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है, जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल, मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर, मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन, दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
Oh ruseyaa jinni vari har vaar maneya me
palkan ute bitha k dildar baneya me
ਉਹ ਰੁਸਿਆ ਜਿੰਨੀ ਵਾਰੀ ਹਰ ਵਾਰ ਮਨਾਇਆ ਮੈਂ
ਪਲਕਾਂ ਉਤੇ ਬਿਠਾ ਕੇ ਦਿਲਦਾਰ ਬਣਾਇਆ ਮੈਂ
