PIYAR KE LIYE CHORA DOSTI,
DIMAG ME DIYA JOR KAM OR
DIL KE SATH KYA JABARDASTI,
AJ WO KAHA OR ME KAHA….
AJ NA RAHA PIYAR OR NA RAHI DOSTI..
@ROBZWAY
PIYAR KE LIYE CHORA DOSTI,
DIMAG ME DIYA JOR KAM OR
DIL KE SATH KYA JABARDASTI,
AJ WO KAHA OR ME KAHA….
AJ NA RAHA PIYAR OR NA RAHI DOSTI..
@ROBZWAY
राजनीति की दुनिया में खेल बहुत है,
कोई जीता है, कोई हारा है।
सत्ता की भूख और वाद-विवाद,
मन में जलती चिंगारी है।
राजनेताओं की रंगीन छलावा,
जनता को वहमों में बँधाता है।
कुछ वादे खाली और कुछ झूले धूले,
आम आदमी को खोखला बनाता है।
वाद-विवाद के आगे सच्चाई छिपती,
लोकतंत्र की मूल्यों पर भारी है।
शोर और तामझाम में खो गई है,
सम्मान, सद्भाव और आदर्शि है।
नीतिबद्धता और समर्पण की कमी,
राजनीति को कर रही है मिट्टी।
सच्ची सेवा की बजाए प्रतिष्ठा,
हौसले को तोड़ रही है मिट्टी।
चाहे जितना बदले युगों का सफ़र,
राजनीति का रंग हर बार वही।
प्रशासनिक शक्ति की लालसा में,
जनता भूल जाती है खुद को वही।
Wo shaqs mujhse bichda to yu laga maano ..
Mujhse mere jism Ka hissa nikal gya ho ..🖤🖤