प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
Enjoy Every Movement of life!
प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
उसकी जुल्फों से छाँव हुई, दिल धूप में बड़ा बेचैन सा था..
ठोकर लगी फिर भी नहीं हटी नजर, वो जादू उसके नैन का था..
उसके हुस्न में डूब के हम, कुछ इस कदर उसके हो गए..
आज सोचता हूं सिर पीट के मैं, जीवन कितना सुख-चैन सा था..
