प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
Manzil bhi uski thi, rasta bhi uska tha,
Ek mein hi akela tha, baki sara kafila bhi uska tha,
Ek sath chalne ki soch bhi uski thi,
Aur baad mein rasta badlne ka faisla bhi usi ka tha..
मंजिल भी उसकी थी, रास्ता भी उसका था,
एक मैं ही अकेला था, बाकि सारा काफिला भी उसका था,
एक साथ चलने की सोच भी उसकी थी,
और बाद में रास्ता बदलने का फैसला भी उसी का था।
itana, aasaan hoon ki har kisee ko samajh aa jaata hoon,
shaayad tumane hee… panne chhod chhod kar padha hai mujhe..
इतना, आसान हूँ कि हर किसी को समझ आ जाता हूँ,
शायद तुमने ही… पन्ने छोड़ छोड़ कर पढ़ा है मुझे..