प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
Never trust those who run after their minds and change from time to time, their heart will be with you today, and tommorow will be someone else trust only on waheguru not in selfish relationship ❤️
ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम